| ☛ राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग एक संवैधानिक संस्था है। |
| ☛ अनुच्छेद 340 में उपबन्ध है कि राष्ट्रपति भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर शैक्षणिक और सामाजिक दृष्टि से पिछड़े वर्गो की समस्याओं के अन्वेषण और कठिनाइयों को दूर करने सबंधी देने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का स्थापना किया गया। |
| ☛ काका कालेलकर की अध्यक्षता में राष्ट्रपति ने सर्वप्रथम पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया। |
| ☛ कालेलकर आयोग ने 30 मार्च 1955 को अपना रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौपा। |
| ☛ आयोग के सातों सदस्यों का भिन्नता थी रिपोर्ट को लेकर। |
| ☛ कालेलकर आयोग 2339 जातियों को पछिड़ा वर्ग में मानता था। |
| ☛ कालेलकर आयोग सभी महिला को पिछड़ा वर्ग मे शामिल करने की सिफारिश किया था। |
| ☛ आयोग की दुलमुल नीति के कारण इसकी सिफारिशों को लागू न किया जा सका। |
| ☛ वी.पी मडंल अध्यक्षता में 1978 में दूसरा पिछड़ा वर्ग आयोग का स्थापना किया गया था। |
| ☛ 1980 में 6 सदस्यीय आयोग ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौप दिया गया। |
| ☛ आयोग ने ओबीसी के लिए 27 आरक्षण की सिफारिश की। |
| ☛ 1980 में वी.पी.सिंह की राष्ट्रीय मोर्चा सरकार ने लागू कर दिया गया। |
| ☛ राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग अधिनियम द्धारा 1993 में स्थायी रूप से पिछड़ा वर्ग आयोग का स्थापना किया गया। |
| ☛ पिछड़ा वर्ग आयोग में एक अध्यक्ष एक उपाध्यक्ष और अन्य सदस्य है। |
| ☛ पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य नियुक्ति द्धारा किया जाता है। |
| ☛ पिछड़ा वर्ग आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में है। |
| Attorney General of India
| Committees of Constituent Assembly | |
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| पिछड़ा वर्ग आयोग के कार्य और शक्तियॉ इस प्रकार है- |
| ☛ पिछड़े वर्गो की स्थिति में सुधार के लिए सरकार का परामर्श देना। |
| ☛ पिछड़े वर्गो के लिए संवैधानिक संरक्षण भली-भॉती रूप से लागू हो रहा है या नही इसका भी जॉच करना इनके भली- भॉती क्रियान्वयन कि लिए सरकार को सिफारिश करना। |
| ☛ पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम की जॉच करना और उनके सही से संचालन के लिए सरकार को परामर्श देना। |
| ☛ क्रीमीलेयर की धन सीमा के बारे में सरकार को परामर्श देना। |
| ☛ कौन-सी जाति पिछड़े वर्ग में सम्मिलित है और कौन सी नही? इस मामले में सरकार को परामर्श देना। |
| ☛ पिछड़ा वर्ग में अधिकारों कें प्रति जागरूकता उत्पन्न करना। |
| ☛ पिछड़ा वर्ग की स्थिति का समय समय पर अध्ययन आयोग करता है। |
| ☛ अनुच्छेद-340 (2) के अनुसार कार्यो का वार्षिक रिपोर्ट आयोग राष्ट्रपति को देगा औार राष्ट्रपति इस रिपोर्ट को संसद के समक्ष पेश करना। |
| क्र. | नाम | कार्यकाल |
|---|---|---|
| 1 | न्यायमूर्ति आर.एन.प्रसाद | 18-अगस्त-1995 से 17-अगस्त-1996 |
| 2 | न्यायमूर्ति श्यामसुदंर | 28-फरवरी-1997 से 27-फरवरी-2000 |
| 3 | न्यायमूर्ति बी.एल.यादव | 28-जूलाई-2000 से 24-मार्च-2002 |
| 4 | न्यायमूर्ति राम सूरत सिंह | 13-अगस्त-2002 से 12-अगस्त-2005 |
| 5 | न्यायमूर्ति एस.रत्नावेल पंडियन | 14-अगस्त-2005 से 13-अगस्त-2009 |
| 6 | न्यायमूर्ति एम.एन.राव | 07-जून-2010 से 06-जून-2013 |
| 7 | न्यायमूर्ति वी.ईश्वरैया | 19-सितम्बर-2013 से 16-सितम्बर-2016 |
| 8 | डॉ.भगवान लाल साहनी | 28-फरवरी-2019 से 27-फरवरी-2022 |
| 9 | श्री हंसराज गंगाराम अहीर | 02-दिसंबर-2022 से…………. |