| मौलिक अधिकार का उद्देश्य वस्तुत: राजनीतिक लोकतंत्र की भावना को प्रोत्साहन देना है। |
| यह विधायिका और कार्यपालिका के मनमाने कानूनों पर निरोधक की तरह काम करते है। |
| उल्लंघन की स्थिति में इन्हें न्यायालय के माध्यम से लागू किया जा सकता है। |
| जिस व्यक्ति के मौलिक अधिकार का हनन हुआ है वह सीधे उच्चतम न्यायालय की शरण में जा सकता है जो अधिकारों की रक्षा के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण परमादेश प्रतिषेध अधिकार पृच्छा व उत्प्रेषण जैसे अभिलेख या रिट जारी कर सकता है। |
| हालांकि मौलिक अधिकार में कुछ सीमाओं के दायरे में आते हैं और ये अपरिवर्तनीय भी नहीं हैं। |
| संसद इन्हें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से खत्म कर सकता है अथवा इनमें कटौती भी कर सकता है। |
| अनुच्छेद 20-21 द्धारा प्रदत्त अधिकारो को छोड़कर राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकार को स्थगित किया जा सकता है। |